डिक्टेशन क्या है?
स्कूल में आपने डिक्टेशन ज़रूर लिखा होगा: टीचर बोलते थे और हम स्पेलिंग लिखते थे। इंग्लिश सीखने में डिक्टेशन उससे कहीं ज़्यादा काम का है: यह सुनना, स्पेलिंग और ग्रामर तीनों एक साथ सिखाता है।
डिक्टेशन कैसे काम करता है
आप एक टेक्स्ट सुनते हैं, एक-एक वाक्य करके, और जो सुनाई दे वह लिखते हैं। फिर असली टेक्स्ट से मिलाते हैं। हर फ़र्क कुछ सिखाता है: कोई शब्द जो सुनाई नहीं दिया, कोई आवाज़ जो गलत समझी, या कोई शब्द जिसकी स्पेलिंग अभी नहीं आती।
डिक्टेशन से इंग्लिश क्यों सुधरती है
- ध्यान से सुनना पड़ता है: जो शब्द लिखना है, उसे छोड़ नहीं सकते।
- आवाज़ और स्पेलिंग जुड़ते हैं, जो इंग्लिश में अक्सर अलग होते हैं।
- ग्रामर अपने-आप दिखती है: शब्दों के अंत, छोटे शब्द, वाक्य का क्रम।
- साफ़ पता चलता है कि क्या छूटा, अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं।
बच्चों के लिए डिक्टेशन
स्कूल में स्पेलिंग डिक्टेशन होता है, लेकिन घर पर वाक्य वाला डिक्टेशन ज़्यादा फ़ायदेमंद है। A1 के छोटे वाक्य बच्चों के लिए आसान हैं: बच्चा सुनता है, लिखता है, और तुरंत देखता है कि कौन-सा शब्द सही है। माता-पिता साथ बैठें तो और अच्छा।
ऑनलाइन डिक्टेशन
ऑनलाइन आप हर वाक्य जितनी बार चाहें सुन सकते हैं, और भेजते ही हर शब्द की जाँच हो जाती है। EnglishDictations पर हर गलती की छोटी व्याख्या भी मिलती है, और A1 से C1 तक हर लेवल पर रोज़ नया डिक्टेशन आता है। सब कुछ फ्री है।
डिक्टेशन के सवाल
इंग्लिश डिक्टेशन क्या होता है?
एक अभ्यास जिसमें आप बोली गई इंग्लिश सुनते हैं, उसे ठीक वैसा लिखते हैं, और फिर असली टेक्स्ट से मिलाकर अपनी गलतियाँ ढूँढते हैं।
क्या डिक्टेशन सिर्फ़ स्पेलिंग के लिए है?
नहीं। इंग्लिश सीखने में यह सबसे ज़्यादा सुनने और समझने की क्षमता बढ़ाता है; स्पेलिंग और ग्रामर साथ-साथ सुधरते हैं।
रोज़ कितना डिक्टेशन करें?
रोज़ एक छोटा डिक्टेशन, लगभग 10 मिनट, हफ़्ते में एक बार लंबे अभ्यास से बेहतर है।