इंग्लिश पढ़ना कैसे सीखें
इंग्लिश में लिखा कुछ और जाता है और बोला कुछ और: knife में k नहीं बोलते, enough में gh का f बन जाता है। इसलिए इंग्लिश पढ़ना मुश्किल लगता है। सबसे आसान तरीका है शब्दों को पढ़ते हुए साथ में सुनना।
इंग्लिश पढ़ना मुश्किल क्यों है?
हिंदी में जैसा लिखते हैं, लगभग वैसा ही पढ़ते हैं। इंग्लिश में ऐसा नहीं है: एक ही अक्षर अलग-अलग तरह से बोला जाता है, और कई अक्षर बोले ही नहीं जाते। इसलिए सिर्फ़ अक्षर जोड़कर पढ़ने से गलत उच्चारण की आदत बन जाती है।
सुनते हुए पढ़ें
जब आप कोई वाक्य पढ़ते हुए साथ में सुनते हैं, तो दिमाग लिखे हुए शब्द को उसकी सही आवाज़ से जोड़ लेता है। यहाँ हर वाक्य और हर कहानी के साथ ऑडियो है: पहले सुनें, फिर पढ़ते हुए सुनें, फिर खुद ज़ोर से पढ़ें।
ज़ीरो से पढ़ना: कदम-दर-कदम
- छोटे वाक्यों से शुरू करें: A1 के वाक्य छोटे और आसान शब्दों वाले हैं।
- हर वाक्य पहले सुनें, फिर पढ़ते हुए सुनें, फिर बिना ऑडियो के खुद पढ़ें।
- फिर उसे सुनकर लिखें (डिक्टेशन): इससे स्पेलिंग भी याद होती है।
- जब वाक्य आसान लगें, तो छोटी कहानियाँ पढ़ें।
- रोज़ 10 मिनट: रोज़ का थोड़ा अभ्यास सबसे ज़्यादा काम करता है।
बच्चों को इंग्लिश पढ़ना कैसे सिखाएँ
- साथ बैठकर A1 कहानी सुनें और बच्चे से उँगली रखकर शब्द दिखाने को कहें।
- एक-दो छोटे वाक्य रोज़ लिखवाएँ: सुनकर लिखना पढ़ने और स्पेलिंग दोनों में मदद करता है।
- गलती पर डाँटें नहीं; सही शब्द सुनाकर दोबारा पढ़ने दें।
इंग्लिश पढ़ने के सवाल
ज़ीरो से इंग्लिश पढ़ना कैसे सीखें?
छोटे, आसान वाक्यों से शुरू करें और हर वाक्य को पढ़ते हुए उसकी ऑडियो सुनें। इससे शब्द और उनकी सही आवाज़ साथ-साथ याद होती है।
इंग्लिश पढ़ना जल्दी कैसे सीखें?
रोज़ अभ्यास करें, भले ही 10 मिनट। सुनते हुए पढ़ना और सुनकर लिखना, दोनों साथ करने से सबसे तेज़ फ़र्क आता है।
क्या यह बच्चों के लिए भी है?
हाँ। A1 वाक्य और कहानियाँ बच्चों के लिए भी आसान हैं। बेहतर है कि माता-पिता शुरुआत में साथ बैठें।